मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन को प्रदेश में विकेद्रीकृत उपार्जन योजनान्तर्गत खाद्यान्न आदि के उपार्जन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं अन्य शासकीय योजनाओं के संचालन, डेफिसिट पूर्ति और वर्तमान जारी वित्तीय व्यवस्था की निरंतरता के लिये राष्ट्रीकृत/शेडयूल्ड/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक/नाबार्ड एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिये 26000 करोड़ रूपये की नि:शुल्क शासकीय प्रत्याभूति की स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिये देने का निर्णय लिया है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि उपार्जन में अधिक राशि की आवश्यकता होने पर आरबीआई की फूड क्रेडिट लिमिट, जिसकी ब्याज दर कुछ अधिक है, प्राप्त की जा सकेगी।
मंत्रि-परिषद ने सरदार सरोवर परियोजना के संबंध में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये आदेश के परिपालन में उच्च न्यायालय से सेवा निवृत्त न्यायाधीश श्री शम्भू सिंह, श्री सैय्यद अली नकवी, श्री आई.एस.श्रीवास्तव, श्री एस.एल.जैन और श्री एस.एस.द्विवेदी की संविदा नियुक्ति अवधि में पूर्व निर्धारित शर्तो के अधीन 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक अथवा प्रकरण को निराकृत होने तक (जो भी पहले हो) वृद्धि करने का निर्णय लिया।
मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा संकुल परियोजनाओं के शिकायत निवारण प्राधिकरण में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री विनोद सेमवाल तथा श्री अरुण कोचर को सदस्य (प्रशासनिक) तथा श्री अब्दुल जब्बार खान सेवा निवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सदस्य (न्यायिक) के पद पर संविदा अवधि में 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक अथवा प्रकरणों का निराकरण होने तक (जो भी पहले हो) वृद्धि का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार, भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री चतुर्भुज सिंह की संविदा नियुक्ति अवधि में 31 दिसम्बर 2020 अथवा प्रकरणों का निराकरण होने तक (जो भी पहले हो) वृद्धि का निर्णय लिया गया। मंत्रि-परिषद द्वारा श्री तारकेश्वर सिंह सेवा निवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को शिकायत निवारण प्राधिकरण (नर्मदा संकुल परियोजनाएँ) में सदस्य (न्यायिक) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा शिकायत निवारण प्राधिकरण के कार्यकाल तक, जो भी पहले हो, के लिये संविदा नियुक्ति प्रदान की गयी।